मैं जिसकी मुस्कुराहटो पे जीता मरता था,
वरना उसके दिल में रोज़ तूफ़ान उठते हैं।
लोग हुस्न पर फिदा होकर उसे इश्क कह देते हैं
देखते है पहले कौन मिलता है, हमे दोनो का इंतजार है…!
तुम्हारे साथ भी बर्बाद थे तुम्हारे बाद भी बर्बाद हैं…!
और दिल में दर्द की लहरें— एक-एक कर उठती रहीं।
मोहल्ले की मोहब्बत का भी अजीब फसाना है,
अकेलेपन पर शायरी लिखने के लिए अपने दिल की तन्हाई, खामोशी और दर्द को सरल शब्दों में व्यक्त करें।
क्यों नहीं समझ पाई मेरी मोहब्बत के राज़।
क्योंकि उसे पता है— लोग हँसते हैं लड़कियों के दर्द पर भी।
यहां लोग मोहब्बत के बहाने हसी छीन लेते हैं…!
किसी के पास यकीन का कोई इक्का हो तो बताना,
इन ज़ख़्मों से, इन सवालों से बहुत दूर हो जाऊँ…
अजीब मुक़ाम से गुजरा है क़ाफ़िला ज़िंदगी Sad Shayari in Hindi का ,